उत्तर प्रदेश में किसी ज़मीन, प्लॉट या मकान की रजिस्ट्री का ब्योरा स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की वेबसाइट igrsup.gov.in पर “सम्पत्ति खोजें” से देखा जा सकता है। बहुत से लोग 2015 या 2016 जैसी पुरानी रजिस्ट्री खोजते हैं और नतीजा नहीं मिलता। यह गाइड विभाग के अपने निर्देशों के आधार पर बताती है कि खोज कैसे करें, पुराने रिकॉर्ड की ऑनलाइन स्थिति क्या है, और रिकॉर्ड ऑनलाइन न मिले तो आगे क्या करें।

सरकारी लिंक (18 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए): सम्पत्ति खोजें / लॉगिन  |  भारमुक्त प्रमाणपत्र (बारह साला)  |  विलेख की प्रमाणित प्रतिलिपि. आवेदन और भुगतान केवल सरकारी वेबसाइट पर करें।

मुख्य बातें

  • दो तरह से खोज: सम्पत्ति के पते से, या पंजीकरण संख्या और वर्ष से।
  • लॉगिन ज़रूरी: नए उपयोगकर्ता को पहले वेबसाइट पर पंजीकरण करना होता है; लॉगिन में यूज़र आईडी, पासवर्ड, कैप्चा और OTP माँगा जाता है।
  • पुराने रिकॉर्ड: विभाग की सितंबर 2024 की प्रस्तुति के अनुसार 2018 से का डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध था, और 2002 से 2017 तक का डिजिटाइज़ किया गया रिकॉर्ड 2024-25 वित्त वर्ष के अंत तक ऑनलाइन करने का लक्ष्य था।
  • नतीजा न मिले तो: इसका मतलब यह नहीं कि रजिस्ट्री हुई ही नहीं। संबंधित उप निबंधक कार्यालय से प्रमाणित प्रतिलिपि या बारह साला लें।
  • शुल्क: बारह साला के लिए ₹10 प्रति वर्ष (अधिकतम ₹100); प्रमाणित प्रतिलिपि के लिए ₹10 और ₹1 प्रति पृष्ठ।

सम्पत्ति खोजें: चरण-दर-चरण

विभाग की “सम्पत्ति के पंजीकरण विवरण पता करने की प्रक्रिया” के अनुसार:

  1. igrsup.gov.in के मुख्य पृष्ठ पर “सम्पत्ति खोजें” चुनें। नए उपयोगकर्ता “नवीन उपयोगकर्ता ? यहां रजिस्टर करें” से नाम, यूज़र आईडी, पासवर्ड और OTP से सत्यापित मोबाइल नंबर के साथ पंजीकरण करें, फिर लॉगिन करें।
  2. वह जनपद (ज़िला) चुनें जिसमें सम्पत्ति है।
  3. “सम्पत्ति का पता” या “पंजीकरण संख्या एवं वर्ष”, इनमें से एक विकल्प चुनें।
  4. पते से खोज: नीचे के बॉक्स में पता भरें। पूरा पता ज़रूरी नहीं है; मोहल्ले या गाँव के नाम से भी खोज हो सकती है। इसके बाद तहसील चुनें।
  5. पंजीकरण संख्या और वर्ष से खोज: निबंधन कार्यालय (उप निबंधक कार्यालय) का नाम चुनें, फिर विलेख की पंजीकरण संख्या और वर्ष भरें।
  6. सम्पत्ति के पंजीकरण की अनुक्रमणिका पंजिका (इंडेक्स) सामने आ जाएगी। इसे नोट करें, कंप्यूटर पर सुरक्षित करें या प्रिंट करें।
  7. विभाग के निर्देशों के अनुसार इंडेक्स में स्कैन किया हुआ विलेख देखने का विकल्प भी मिलता है, जिसे देखा, सुरक्षित या प्रिंट किया जा सकता है।

2015, 2016 या उससे पुरानी रजिस्ट्री

पुराने रिकॉर्ड के बारे में सबसे ताज़ा सरकारी जानकारी जो हमें मिली, वह स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की सितंबर 2024 की प्रस्तुति है। उसमें लिखा है:

रिकॉर्ड का वर्षसितंबर 2024 की स्थिति (विभाग के अनुसार)
2018 और उसके बादडेटा सार्वजनिक रूप से (ऑनलाइन) उपलब्ध। रजिस्ट्री का वेब-आधारित PRERNA 3.0 सॉफ़्टवेयर दिसंबर 2017 से चल रहा है।
2002 से 2017डिजिटाइज़ेशन 2002 से शुरू हुआ; यह डेटा ऑनलाइन किया जाना था। नाम, सम्पत्ति या विलेख संख्या से खोज “2002 से आंशिक रूप से उपलब्ध” बताई गई, और पूरा रिकॉर्ड 2024-25 वित्त वर्ष के अंत तक सार्वजनिक करने का लक्ष्य था।
2002 से पहलेप्रस्तुति में ऑनलाइन उपलब्धता का कोई उल्लेख नहीं।

हम यह पुष्टि नहीं कर पाए कि 2024-25 का लक्ष्य पूरा हुआ या नहीं, क्योंकि खोज के लिए लॉगिन ज़रूरी है और विभाग ने इसके बाद की कोई स्थिति प्रकाशित नहीं की जो हमें मिली हो। इसलिए 2015 या 2016 की रजिस्ट्री खोजते समय:

  • सही वर्ष और सही उप निबंधक कार्यालय चुनें। नतीजा पाने के लिए दूसरा वर्ष न डालें; पंजीकरण संख्या उसी वर्ष और उसी कार्यालय की होती है।
  • पते से भी खोजें। गाँव या मोहल्ले का नाम अलग-अलग वर्तनी में आज़माएँ और सही तहसील चुनें।
  • ऑनलाइन नतीजा न मिले तो उस उप निबंधक कार्यालय से संपर्क करें जहाँ रजिस्ट्री हुई थी, और विलेख की प्रमाणित प्रतिलिपि के लिए आवेदन करें। सम्पत्ति पर हुए सभी पंजीकृत लेन-देन जानने के लिए भारमुक्त प्रमाणपत्र (बारह साला) लें।

इंडेक्स, प्रमाणित प्रतिलिपि और बारह साला में अंतर

दस्तावेज़क्या बताता हैकहाँ और कितना शुल्क
सम्पत्ति खोजें का इंडेक्सकिसी पंजीकृत विलेख का इंडेक्स ब्योरा (और जहाँ उपलब्ध हो, स्कैन प्रति)igrsup.gov.in पर लॉगिन करके
विलेख की प्रमाणित प्रतिलिपिविभाग द्वारा जारी विलेख की आधिकारिक प्रति“विलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपि” में ऑनलाइन आवेदन; ₹10 और ₹1 प्रति पृष्ठ (₹10 के अगले गुणक तक); नागरिक चार्टर के अनुसार साधारण आवेदन तीसरे कार्यदिवस तक
भारमुक्त प्रमाणपत्र (बारह साला)पिछले 12 वर्षों के रजिस्टरों में उस सम्पत्ति के पंजीकृत लेन-देन और भार“भारमुक्त प्रमाणपत्र /बारह साला” में ऑनलाइन आवेदन; ₹10 प्रति वर्ष, अधिकतम ₹100; डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र अधिकतम सात कार्यदिवस में

तीनों केवल पंजीकृत दस्तावेज़ों का रिकॉर्ड हैं। जो सौदा कभी रजिस्टर ही नहीं हुआ (जैसे बिना रजिस्ट्री का इकरारनामा), वह इनमें नहीं दिखेगा। ज़मीन का दर्ज मालिक खतौनी से पता चलता है, जो राजस्व विभाग का अलग रिकॉर्ड है: देखें खतौनी और दाखिल-खारिज कैसे देखें (अंग्रेज़ी गाइड)।

खरीदने से पहले जाँच का क्रम

  1. यूपी भूलेख पर खतौनी: दर्ज खातेदार, सह-खातेदार, बंधक और वाद की प्रविष्टियाँ।
  2. भूलेख पर उस गाटे के विक्रय और वाद-ग्रस्त होने की स्थिति।
  3. igrsup.gov.in पर तहसील की “निषेधित संपत्तियाँ” सूची।
  4. 12 वर्ष का बारह साला।
  5. विक्रेता के स्वामित्व विलेख और किसी भी असामान्य विलेख की प्रमाणित प्रतिलिपि।

पूरी सूची के लिए हमारी कृषि भूमि खरीदने से पहले 10 जाँच गाइड देखें। अंग्रेज़ी में यही विषय: IGRSUP property search and encumbrance certificate।

सामान्य प्रश्न

igrsup.gov.in पर पंजीकरण करके लॉगिन करें, “सम्पत्ति खोजें” चुनें, जनपद चुनें और फिर सम्पत्ति के पते (तहसील के साथ) या पंजीकरण संख्या और वर्ष (उप निबंधक कार्यालय के साथ) से खोजें। रजिस्ट्री का इंडेक्स सामने आ जाएगा।

विभाग की सितंबर 2024 की प्रस्तुति के अनुसार 2018 से का डेटा ऑनलाइन था, और 2002 से 2017 तक का डिजिटाइज़ रिकॉर्ड 2024-25 वित्त वर्ष के अंत तक ऑनलाइन करने का लक्ष्य था। ऑनलाइन नतीजा न मिले तो संबंधित उप निबंधक कार्यालय से प्रमाणित प्रतिलिपि लें।

ज़रूरी नहीं। पुराना रिकॉर्ड पूरी तरह ऑनलाइन न हो, या वर्ष, कार्यालय या पते की वर्तनी अलग हो सकती है। उप निबंधक कार्यालय से रिकॉर्ड की पुष्टि करें और प्रमाणित प्रतिलिपि या बारह साला के लिए आवेदन करें।

विभाग की शुल्क तालिका के अनुसार ₹10 प्रति वर्ष खोज, अधिकतम ₹100, जो ऑनलाइन जमा होता है। नागरिक चार्टर के अनुसार डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र अधिकतम सात कार्यदिवस में अपलोड होता है।

इंडेक्स रजिस्टर का ब्योरा है जो खोज में दिखता है। प्रमाणित प्रतिलिपि विभाग द्वारा जारी विलेख की आधिकारिक प्रति है, जो किसी आधिकारिक काम या वकील से जाँच के लिए चाहिए होती है।

कृपया सत्यापित करें। वेबसाइट के मेनू, शुल्क और समय-सीमा बदल सकते हैं, और पुराने रिकॉर्ड की ऑनलाइन स्थिति ऊपर दी गई तारीख़ की है। यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं; किसी विशेष सम्पत्ति के स्वामित्व की जाँच के लिए स्थानीय अधिवक्ता से मिलें।

यमुना एक्सप्रेसवे पर ज़मीन या प्लॉट देख रहे हैं? हमारी टीम से बात करें। फ़ैसले से पहले हम रिकॉर्ड जाँचते हैं।