यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास ज़मीन खरीदने से पहले सबसे पहला सवाल यह होना चाहिए कि गांव यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अधिसूचित क्षेत्र में आता है या नहीं। इसी एक बात से तय होता है कि ज़मीन का उपयोग क्या हो सकता है, उस पर क्या बनाया जा सकता है, और आगे प्राधिकरण उस ज़मीन के साथ क्या कर सकता है।

यह लेख उसी सूची को हिंदी में समझाता है: किस जिले और किस तहसील के कितने गांव इसमें हैं, अपने गांव की जाँच कैसे करें, और अधिसूचित होने का सही मतलब क्या है। पूरी गांववार सूची हमारे अंग्रेज़ी लेख में दी गई है।

मुख्य तथ्य

  • जिले: गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा
  • हमारी संकलित सूची में गांव: 1,177
  • तहसीलें: जेवर, सदर (गौतम बुद्ध नगर), खुर्जा, सिकंदराबाद, खैर, माट, महावन, मथुरा, सादाबाद, हाथरस (सदर), सासनी, एत्मादपुर, सदर (आगरा)
  • अंतिम प्रमाण: YEIDA द्वारा जारी अधिसूचना: यह सूची या कोई भी लेख नहीं

आंकड़ों के बारे में एक ज़रूरी बात

YEIDA के अधिसूचित क्षेत्र के बारे में छपे आंकड़े आपस में मेल नहीं खाते, और किसी भी आंकड़े पर भरोसा करने से पहले यह जानना ज़रूरी है:

  • कुछ स्रोत लगभग 334 गांव और करीब 2,689 वर्ग किमी क्षेत्र बताते हैं।
  • पहले चरण (Phase 1) की रिपोर्टों में 226 गांव और करीब 769 वर्ग किमी का ज़िक्र है, जो केवल गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर तक सीमित है।
  • कुछ रिपोर्टें छह जिलों के पूरे अधिसूचित क्षेत्र को लगभग 3,352 वर्ग किमी बताती हैं।
  • नीचे दी गई संकलित सूची में 1,177 गांव हैं।

ये आंकड़े अलग-अलग दायरों की बात करते हैं, इसलिए ज़रूरी नहीं कि ये एक-दूसरे को गलत साबित करें। फिर भी कोई भी द्वितीयक स्रोत अंतिम नहीं है। हमारी सूची सरकारी अधिसूचनाओं का हवाला देने वाले एक प्रकाशित संकलन पर आधारित है, बाध्यकारी दस्तावेज़ YEIDA की अधिसूचना ही है, और कोई भी फैसला लेने से पहले उसी से मिलान करें।

जिलेवार गांव

जिलागांवतहसीलेंहमारे पेज
मथुरा432माट, महावन, मथुरामथुरा में कृषि भूमि
हाथरस417हाथरस, सादाबाद, सासनीहाथरस में कृषि भूमि
गौतम बुद्ध नगर132जेवर, सदरजेवर में कृषि भूमि
अलीगढ़94खैरअलीगढ़ में कृषि भूमि
आगरा61एत्मादपुर, सदरआगरा में कृषि भूमि
बुलंदशहर41खुर्जा, सिकंदराबादबुलंदशहर में कृषि भूमि

सबसे ज़्यादा गांव मथुरा और हाथरस में हैं। गौतम बुद्ध नगर (जहाँ जेवर और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है) में गांव कम हैं, लेकिन प्राधिकरण के सबसे ज़्यादा विकसित सेक्टर यहीं हैं।

तहसीलवार गांव

जिलातहसीलगांव
मथुरामाट239
मथुरामहावन158
मथुरामथुरा35
हाथरसहाथरस (सदर)208
हाथरससादाबाद131
हाथरससासनी78
गौतम बुद्ध नगरजेवर93
गौतम बुद्ध नगरसदर39
अलीगढ़खैर94
आगराएत्मादपुर49
आगरासदर12
बुलंदशहरसिकंदराबाद23
बुलंदशहरखुर्जा18

अपने गांव की जाँच कैसे करें

  1. सूची में गांव खोजें। हमारे अंग्रेज़ी लेख में पूरी सूची तहसीलवार दी गई है। सूची में गांवों के नाम अंग्रेज़ी में हैं और उनकी वर्तनी एक जैसी नहीं है, जैसे Banger/Bangar (बांगर, यानी ऊपरी भूमि) और Khader/Khadar (खादर, यानी नदी किनारे की निचली भूमि), इसलिए नाम के अलग-अलग रूप खोजें।
  2. हमारा गांव पेज देखें। सूची के ज़्यादातर गांवों के लिए हमारा अलग पेज है, जिसमें जिला और तहसील दी गई है। सभी क्षेत्र क्षेत्र निर्देशिका में मिलेंगे।
  3. खतौनी देखें। जिस खसरे की बात हो रही है, उसकी खतौनी UP भूलेख पर खुद देखें, तरीका हमारे खतौनी गाइड में है।
  4. अधिसूचना से मिलान करें। अंतिम पुष्टि YEIDA की अधिसूचना या प्राधिकरण कार्यालय से ही करें।

अधिसूचित होने का असली मतलब

  • अधिसूचित का मतलब अधिग्रहित नहीं है। गांव का अधिसूचित क्षेत्र में होना यह नहीं बताता कि किसी खास खसरे का अधिग्रहण हो चुका है या होने वाला है। हर खसरे की स्थिति अलग से जाँचनी होती है।
  • निर्माण के लिए YEIDA की मंज़ूरी ज़रूरी है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 के तहत अधिसूचित क्षेत्र में भवन नियमों के विरुद्ध कोई भवन बनाया या उपयोग नहीं किया जा सकता। बिना मंज़ूरी बनी कॉलोनियों पर प्राधिकरण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर चुका है।
  • खेती की ज़मीन अपने-आप प्लॉट नहीं बनती। भू-उपयोग बदलने के नियम हमारे फार्महाउस और भू-उपयोग गाइड में समझाए गए हैं।

हापुड़ जिला इस अधिसूचित क्षेत्र का हिस्सा नहीं है; वहाँ के लिए हमारा हापुड़ पेज एक सामान्य क्षेत्र पेज है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रकाशित आंकड़े अलग-अलग हैं: कुछ स्रोत 334 गांव बताते हैं, पहले चरण की रिपोर्टें 226 गांव, और हमारी संकलित सूची में छह जिलों के 1,177 गांव हैं। ये अलग-अलग दायरों के आंकड़े हैं। अंतिम प्रमाण YEIDA की अधिसूचना है।

हमारी सूची में छह जिले हैं: गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा। सबसे ज़्यादा गांव मथुरा (432) और हाथरस (417) में हैं।

ज़रूरी नहीं। अधिसूचित होने का मतलब अधिग्रहित होना नहीं है। किसी खास खसरे की अधिग्रहण स्थिति अलग से जाँचनी चाहिए, खतौनी में दर्ज विवरण और प्राधिकरण से पुष्टि करके।

बिना YEIDA की मंज़ूरी के नहीं। अधिसूचित क्षेत्र में निर्माण प्राधिकरण के भवन नियमों के अधीन है, और बिना मंज़ूरी के बने निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो चुकी है। खरीदने से पहले लिखित मंज़ूरी माँगें।

हमारी पूरी गांववार सूची वेब पेज के रूप में हमारे अंग्रेज़ी लेख में है। आधिकारिक अधिसूचना के लिए YEIDA की वेबसाइट या प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क करें।

खरीदने से पहले पुष्टि ज़रूर करें। यह सूची सरकारी अधिसूचनाओं का हवाला देने वाले एक प्रकाशित संकलन पर आधारित है, और आधिकारिक अधिसूचना ही अंतिम है। किसी भी खरीद से पहले YEIDA या अपने वकील से वर्तमान स्थिति की पुष्टि करें।

यमुना एक्सप्रेसवे पर ज़मीन देख रहे हैं? हमारी टीम से बात करें : हम खरीद से पहले रिकॉर्ड की जाँच करते हैं।

स्रोत

  1. YEIDA notified village list (पूरी सूची, अंग्रेज़ी में) : सरकारी अधिसूचनाओं का हवाला देने वाले प्रकाशित संकलन पर आधारित
  2. YEIDA: आधिकारिक वेबसाइट
  3. उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 (PRS India)
  4. यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं।